उत्तर प्रदेश

मुस्कान की जान! 70 हजार में रिजवान ने खरीद ली मौत

Ashutosh Gupta: एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसमें प्यार, धोखा और हत्या की जंजीर जुड़ी हुई है। एक युवक ने अपनी प्रेमिका को खत्म करने के लिए न सिर्फ साजिश रची, बल्कि किलरों को भी किराए पर लिया। इस पूरी घटना ने रिश्तों की सच्चाई और उनके खतरनाक मोड़ को एक बार फिर उजागर किया है। जानिए इस सनसनीखेज मामले की पूरी कहानी, जिसमें एक मासूम की जान ले ली गई और एक जघन्य अपराध का पर्दाफाश हुआ।

रिजवान का मुस्कान से भर गया दिल

प्यार, धोखा और हत्या….. 4 साल पहले मुस्कान नाम की एक लड़की और रिजवान नाम के युवक का प्यार हुआ था, और दोनों ने लिव-इन रिलेशनशिप में रहने का फैसला किया। दोनों के बीच एक बेटा भी हुआ, लेकिन समय के साथ रिश्ता खराब हो गया। रिजवान का मुस्कान से दिल भर चुका था, और वह उससे छुटकारा पाना चाहता था। इस दौरान दोनों के बीच अक्सर झगड़े होने लगे।

इसके बाद रिजवान ने मुस्कान को 10 हजार रुपए महीने का देने को कहा और कहा की हम दोनों अलग हो जाते हैं। जब मुस्कान ने अपने बेटे के लिए महीने के 40 हजार रुपये की मांग की, तो रिजवान ने उसे ठिकाने लगाने का खतरनाक प्लान बनाया। रिजवान ने दो किलरों, रामोतार और राधेश्याम, को 70-70 हजार रुपये में किराए पर लिया और 19 फरवरी को मुस्कान को नरूआ गाँव के जंगल में लेकर पहुंचा। वहां पहले से मौजूद किलरों ने मुस्कान का दुपट्टा से गला घोटकर उसे मौत के घाट उतार दिया।

पुलिस ने किया खुलासा

इसके बाद रिजवान ने मुस्कान के परिजनों के साथ मिलकर थाने में अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई और पुलिस को झूठे सुरागों पर भटकने दिया। महीनों तक पुलिस मुस्कान को ढूंढने में लगी रही, लेकिन जैसे ही शक रिजवान पर गया, पुलिस ने उसे कड़ी पूछताछ के लिए बुलाया। रिजवान टूट गया और उसने हत्या की सच्चाई उगल दी। पुलिस ने रिजवान की निशानदेही पर मुस्कान की लाश को जंगल से बरामद किया। इस सनसनीखेज मामले में पुलिस ने रिजवान और दोनों किलरों रामोतार और राधेश्याम को गिरफ्तार कर लिया है।

रिश्ते हुए खून से लाल

मुस्कान के परिवार में इस घटना के बाद मातम का माहौल है, जबकि आरोपी सलाखों के पीछे हैं और अब कानून के कठोर प्रावधानों के तहत उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। इस मामले ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि रिश्तों में धोखा और धोखेबाजी किस हद तक जा सकती है, और प्यार के नाम पर अपराधों की कोई सीमा नहीं होती।

द फ्रीडम स्टॉफ
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